नए हैकिंग टूल ‘NIK C2’ की खोज, रैंसमवेयर और AI क्षमताएं शामिल
1 नवम्बर 2026 · 2 मिनट पठन
एक नए हैकिंग टूल जिसका नाम ‘NIK C2’ है, की खोज हुई है। यह टूल सूचना को चोरी कर उसे वास्तविक समय में विश्लेषित करने और संक्रमित कंप्यूटर को दूरस्थ रूप से नियंत्रित करने की क्षमता रखता है। साथ ही, यह धन मांगने की भी क्षमता रखता है।
ग्लोबल सुरक्षा कंपनी सिस्को की खतरा विश्लेषण टीम तालोस ने 29 अक्टूबर को इस नए कमांड एंड कंट्रोल (C2) टूल ‘NIK C2’ की खोज की और इसके विश्लेषण के परिणामों का खुलासा किया।
‘NIK C2’ विशेष रूप से विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें एक दूरस्थ पहुँच मैलवेयर और एक हमलावर प्रबंधन सर्वर शामिल है। हमलावर संक्रमित कंप्यूटर पर दूरस्थ नियंत्रण प्राप्त कर सकते हैं, जहां वे खाता जानकारी और पासवर्ड चुरा सकते हैं।
इस टूल की खासियत है कि यह AI को हमले के प्रक्रिया में सीधे शामिल करता है। तालोस के अनुसार, ‘NIK C2’ ओपनएआई के इंटरैक्टिव AI एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) को कॉल करने की क्षमता रखता है। यह हमलावरों को संक्रमित कंप्यूटर से एकत्रित जानकारी को AI को भेजने और उसका विश्लेषण प्राप्त करने की अनुमति देता है।
इसमें रैंसमवेयर की भी विशेषताएं हैं, जहां हमलावर कंप्यूटर स्क्रीन को लॉक करके धन की मांग कर सकते हैं। यह सामान्य रैंसमवेयर के विपरीत, फाइलों को एन्क्रिप्ट नहीं करता, बल्कि स्क्रीन को लॉक करता है।
हालांकि, इस समय हमलावरों की पहचान, पीड़ित कंपनियों और पीड़ितों के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।